झारखंड के चतरा जिले में हुए एयर एंबुलेंस हादसे ने न सिर्फ राज्य को बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां एक परिवार अपने सदस्य की जान बचाने के लिए पाई-पाई जोड़कर और कर्ज लेकर बेहतर इलाज के लिए निकला था, वहीं दूसरी तरफ कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे उस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी, जो रांची से उम्मीदें लेकर उड़ी थी लेकिन चतरा के जंगलों में खामोश हो गई।
क्या हुआ था उस रात?
सोमवार की शाम करीब 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से एक एयर एंबुलेंस ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। मंजिल थी दिल्ली का गंगाराम अस्पताल। विमान में मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर और क्रू मेंबर्स समेत कुल 7 लोग सवार थे। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, खराब मौसम और आंधी-तूफान के कारण विमान का एटीसी (ATC) से संपर्क टूट गया और यह चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्भाग्यवश, इस हादसे में सभी 7 लोगों की जान चली गई।
संजय कुमार: जो जिंदगी की जंग हार गए
इस पूरी घटना के केंद्र में थे लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार (41)। संजय एक होटल व्यवसायी थे। खबरों के मुताबिक, पिछले दिनों उनके अपने ही रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई थी, जिसमें वे बुरी तरह झुलस गए थे। डॉक्टरों के अनुसार उनका शरीर 65% तक जल चुका था।
पहले उनका इलाज रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार न होता देख डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली ले जाने की सलाह दी थी। किसे पता था कि बेहतर इलाज की यह यात्रा उनकी अंतिम यात्रा बन जाएगी।
8 लाख का कर्ज और परिवार का संघर्ष
इस हादसे का सबसे दिल तोड़ने वाला पहलू वह आर्थिक संघर्ष है जो संजय के परिवार ने किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय के इलाज और एयर एंबुलेंस की बुकिंग के लिए परिवार ने रिश्तेदारों और अन्य स्रोतों से करीब 8 लाख रुपये का कर्ज लिया था।
परिवार की मंशा सिर्फ इतनी थी कि किसी भी कीमत पर संजय की जान बच जाए। एयर एंबुलेंस में संजय के साथ उनकी पत्नी अर्चना और एक अन्य रिश्तेदार भी सवार थे। लेकिन, इस क्रैश ने न केवल मरीज को छीना, बल्कि उन अपनों को भी लील लिया जो उनकी देखभाल कर रहे थे।
निष्कर्ष
यह घटना हमें जीवन की अनिश्चितता का कड़वा सच याद दिलाती है। तकनीकी खराबी थी या मौसम की मार, जांच एजेंसियां (AAIB) इसकी तह तक जाएंगी, लेकिन सच्चाई यही है कि एक परिवार ने अपनी जमा-पूंजी और अपने लोगों, दोनों को एक ही झटके में खो दिया।
भगवान सभी मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिजनों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे।
(नोट: यह जानकारी विभिन्न न्यूज़ रिपोर्ट्स और घटनाक्रम पर आधारित है।)

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