
नई दिल्ली: तकनीक की दुनिया हर दिन बदल रही है, और इस बदलाव के केंद्र में है—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)। राजधानी में आयोजित बहुप्रतीक्षित “दिल्ली एआई समिट 2026″ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं है, बल्कि वैश्विक AI क्रांति का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।इंडिया गेट की शानदार पृष्ठभूमि के साथ आयोजित इस समिट में दुनिया भर के तकनीकी दिग्गजों, स्टार्टअप फाउंडर्स, नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।”Innovate India. Empower Future” (नवाचार से सशक्त भविष्य) की थीम पर आधारित इस महासम्मेलन की कुछ प्रमुख झलकियाँ और चर्चा के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:1. आम आदमी के लिए AI (AI for All)इस समिट का सबसे बड़ा फोकस इस बात पर रहा कि एआई को केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित न रखकर, इसे आम भारतीय तक कैसे पहुँचाया जाए। विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे AI की मदद से दूर-दराज के गाँवों में भी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा पहुँचाई जा सकती है।2. रोजगार और नए अवसर (Jobs & Opportunities)एआई को लेकर सबसे बड़ा डर हमेशा से नौकरियों के जाने का रहा है। लेकिन समिट 2026 में विशेषज्ञों ने एक अलग तस्वीर पेश की। उनका मानना है कि एआई रूटीन कामों को ऑटोमेट ज़रूर करेगा, लेकिन यह ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’, ‘एआई एथिक्स’, और ‘डेटा एनालिसिस’ जैसे क्षेत्रों में लाखों नई नौकरियाँ भी पैदा कर रहा है।3. भारतीय भाषाओं में AI (AI in Local Languages)भारत जैसे विविधता वाले देश में भाषा एक बड़ी चुनौती है। समिट में कई ऐसे नए एआई मॉडल्स (Indic AI) का प्रदर्शन किया गया जो हिंदी, तमिल, बंगाली जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को न सिर्फ समझते हैं, गलगोटिया यूनिवर्सिटी कांड बल्कि उनमें इंसानों की तरह बातचीत और अनुवाद भी कर सकते हैं।4. सुरक्षा और नियम (Safety and AI Regulations)डीपफेक (Deepfake) और साइबर सुरक्षा के बढ़ते खतरों के बीच, समिट में ‘जिम्मेदार एआई’ (Responsible AI) पर जोर दिया गया। नीति निर्माताओं ने स्पष्ट किया कि एआई के विकास के साथ-साथ ऐसे सख्त नियम भी बनाए जा रहे हैं ताकि इस तकनीक का गलत इस्तेमाल न हो सके।निष्कर्ष”दिल्ली एआई समिट 2026″ केवल एक तकनीकी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक नए भविष्य की घोषणा थी। यह समिट इस बात का गवाह है कि भारत अब एआई तकनीक के मामले में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के बजाय, दुनिया को रास्ता दिखाने की ओर बढ़ रहा है।

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