दिल्ली शराब नीति केस: CBI की बड़ी तैयारी! केजरीवाल और सिसोदिया की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, अब High Court में होगी जंग
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आने वाला है। दिल्ली शराब नीति केस (Delhi Excise Policy Case) में CBI ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
📄 क्या है पूरा मामला?
हाल ही में विशेष अदालत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत दी थी। अदालत ने कहा था कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं और चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था।
लेकिन CBI का दावा है कि उनके पास ठोस सबूत (Significant Evidence) मौजूद हैं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच के लिए हाई कोर्ट जाना ज़रूरी है।
🔎 क्यों अहम है यह केस?
- बड़े राजनीतिक नाम: इसमें सीधे तौर पर AAP सरकार के दिग्गज नेता शामिल हैं।
- नीतिगत विवाद: यह मामला दिल्ली सरकार की नई शराब नीति में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
- कानूनी प्रक्रिया: हाई कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि आगे जांच कैसे बढ़ेगी।
⚖️ अब आगे क्या होगा?
अगर दिल्ली हाई कोर्ट CBI की याचिका को स्वीकार कर लेता है, तो इस केस की सुनवाई दोबारा शुरू होगी। कानूनी जानकारों का मानना है कि इससे आरोपियों पर आरोप तय (Chargesheet) होने की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकती है, जो AAP सरकार के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी।
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